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Welcome to ATMA Araria

आत्मा क्या है ?

आत्मा कृषि एवं संबध क्षेत्रों से जुड़े उन सभी प्रमुख भागीदारों की संस्था है जो जिले में कृषि के स्थायी विकास से जुड़ी गतिविधियों में संलग्न है। यह शोध एवं प्रसार के मिलने तथा कृषि प्रसार व्यवस्था के प्रबन्धन के विकेन्द्रीकरण का केन्द्र बिन्दु है।

आत्मा शासी निकाय के अध्यक्ष जिला पदाधिकारी, उपाध्यक्ष उप विकास आयुक्त, तथा सदस्य सचिव, परियोजना निदेषक, होतें हैं। आत्मा शासी निकाय के अध्यक्ष जिला पदाधिकारी, उपाध्यक्ष उप विकास आयुक्त, तथा सदस्य सचिव, परियोजना निदेषक, होतें हैं। परियोजना निदेषक के अतिरिक्त आत्मा, अररिया कार्यालय में एक उपरियोजना निदेषक, तथा एक-एक लेखापाल, आषुलिपिक, कम्प्यूटर आॅपरेटर तथा अनुसेवक नियुक्त किये गये है। इस प्रकार कुल 6(छः) पद स्वीकृत हैं तथा वर्तमान में आत्मा, अररिया  में 5(पाॅच) नियमित कर्मी कार्यरत हैं। परियोजना निदेषक के रुप में जिला कृषि पदाधिकारी, गया को अतिरिक्त प्रभार मिला हुआ है।

आत्मा द्वारा किये जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमः
1. जिले के कृषि एवं कृषकों के विकास के लिये एक विस्तृत कार्य योजना स्ट्रैटेजिक रिसर्च एवं एक्सटेंषन प्लान का निर्माण करना।
2. एक निष्चित एग्रो इकोलाॅजिकल परिस्थिति के अनुसार योजना बनाकर किसानों की आवष्यकता को ध्यान में रखते हुये प्रषिक्षण की व्यवस्था करना।
3. रिसोर्स रिच एवं रिसोर्स पुअर दोनों प्रकार के किसानों को ध्यान में रखकर योजना का निर्माण करना।
4. प्रषिक्षण, एक्सपोजर विजिट, किसान वैज्ञानिक मिलन, प्रक्षेत्र दिवस आदि के द्वारा किसानों को प्रषिक्षित कर जागरुक बनाना।
5. किसान मेला एवं किसान उत्पाद प्रदर्षनी के माध्यम से किसानों को प्रेरित करना।
6. कृषि, पशुपालन, मत्स्य,एवं बागवानी से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रत्यक्षण आयोजित कर नई तकनीकों का स्थानीय परिस्थिति में जाॅच कर किसानों के अनुप्रयोग हेतु प्रसारित करना।
7. फार्म स्कूल के माध्यम से किसानों को किसानों के द्वारा विभिन्न कृषि एवं संबंधित विषयों पर सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराना।
8. बीज ग्राम एवं जैविक ग्राम संबंधी कार्यक्रम को क्रियान्वित कराना।
9. समेकित कृषि व्यवस्था के अन्तर्गत कृषि के साथ-साथ बागवानी, गव्य एवं पषुपालन तथा मत्स्यपालन को भी किसानों के द्वारा अपनाये जाने को बढ़ावा देना।
10. किसानों द्वारा बनाये गये समूहों का गैर सरकारी संस्थाओं के सहयोग से क्षमता निर्माण कर सीड मनी और रिवाल्विंग फंड के माध्यम से उनको सषक्त करना।